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Thursday, June 10, 2021

सोल प्रोपराइटरशिप क्या होती है? | Disadvantages & Advantages of sole proprietorship

 इस पोस्ट में हम सोल प्रोपराइटर शिप के बारे में पढ़ेंगे| Sole Proprietorship होती है? सोल प्रोपराइटरशिप के फायदे तथा नुकसान क्या है? (advantages & disadvantages of sole proprietorship)

तो चलिए दोस्तों, शुरू करते हैं!

सोल प्रोपराइटरशिप क्या होता है? | What is sole proprietorship
एकल स्वामित्व की परिभाषा: “यह ऐसा बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन होता है, जिसमें एक ही व्यक्ति के खुद का प्रबंधन तथा नियंत्रण (own manage control) रहता है|”


 
जैसे कि: आपने एक दुकान खोली| उस दुकान को आप नहीं खरीदा या किराए पर लिया| खुद ही उसका देख-रेख (मैनेजमेंट) का काम कर रहे हैं|

कंट्रोल भी आप स्वयं ही कर रहे हैं| जब कोई व्यक्ति ऐसे  फर्म या ऑर्गनाइजेशन को चलाता है तो उसे, sole proprietorship (एकल स्वामित्व) कहते हैं|

विषय सूची | Page index
सोल प्रोपराइटरशिप क्या होता है? | What is sole proprietorship
विशेषताएं (Features)
एकाकी व्यापार के लाभ | Advantages of a Sole Proprietorship
सोल प्रोपराइटरशिप की हानियां | Disadvantages of a Sole Proprietorship
आपने क्या सीखा?
विशेषताएं (Features)
आइए! अब! जानते हैं की एकाकी व्यापार की विशेषताएं (Sole proprietorship Features) क्या होती हैं?

गठन और समापन (Formation and closure)

एकल स्वामित्व वाला बिजनेस खोलना बहुत ही आसान है| इसके लिए बहुत ज्यादा लीगल फॉर्मेलिटी नहीं लगती|

जैसा कि: वन पर्सन कंपनी तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सोल प्रोपराइटर शिप के मुकाबले बहुत ज्यादा लीगल फॉर्मेलिटी होती है|


 
इसे बनाना बहुत आसान होता है| इसके लिए आपको 30 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है|


 
 जैसे इसे बनाना आसान होता है ऐसे ही इसे बंद करना भी बहुत आसान होता है|

जैसे: प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को बंद करना बहुत मुश्किल होता है, इसमें वह सब फॉर्मेलिटी नहीं होती|

दायित्व (Liability)

इसमें दायित्व असीमित सीमा तक होता है| मान लो आपने एक सोल प्रोपराइटर शिप का गठन किया|

इसके लिए आपने बैंक से ₹500000 लोन लिया|

अब आपका बिजनेस बंद होने की कगार पर चला गया|

बिजनेस बंद होने पर आपको बैंक का ₹500000 देना है|  यदि यह पैसा आपके बिजनेस से निकल जाता है तो ठीक है, अन्यथा आपकी पर्सनल संपत्ति को बेच कर भी इस नुकसान की भरपाई की जाएगी| कंपनी तथा सोल प्रोपराइटरशिप में यह मुख्य अंतर होता है|

एकमात्र जोखिम वाहक (Sole risk bearer)

जब भैया! सारी चीजों की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति की है, तो नुकसान को भी तो एक ही आदमी झेलेगा|

सोल प्रोपराइटरशिप में प्राकृतिक तथा प्राकृतिक सभी प्रकार के नुकसानों तथा जोखिमों को प्रोपराइटर द्वारा ही झेला जाएगा|

नियंत्रण (Control)

इस पोस्ट को अब तक पढ़ने के बाद आप जान चुके हैं कि, नियंत्रण एक ही व्यक्ति के हाथों में रहेगा|

जितने भी निर्णय लेने हैं वह एक ही व्यक्ति द्वारा लिए जाएंगे|  जितना भी मैनेजमेंट संबंधी काम है वह एक ही व्यक्ति को करना होगा|


 
व्यापार निरंतरता का अभाव (Lack of business continuity)


 
कंपनी Perpetual succession के नियम पर आधारित होती है|

यह नियम कंपनी को आदित्य बनाता है तथा इसी के कारण लोगों का भरोसा इस पर बढ़ जाता है|

यहीं पर सोल प्रोपराइटरशिप की बात करें तो यह Perpetual succession के नियम पर आधारित नहीं होती|

जैसे कि:  कोई बंदा अकेले स्वामित्व वाली दुकान चला रहा है|

अचानक से 1 दिन दुर्भाग्य से उसकी मृत्यु हो जाती है या वह पागल हो जाता है| इसके परिवार में अन्य कोई इस दुकान को चलाने वाला नहीं था|

इस स्थिति में यह दुकान बंद हो जाएगी|

पृथक अस्तित्व नहीं (No separate entity)

कंपनी एक कृत्रिम व्यक्ति होती है| कंपनी तथा उसके सदस्यों का पृथक अस्तित्व होता है, परंतु सोल प्रोपराइटर शिप में दोनों का एक ही अस्तित्व माना गया है|

साधारण शब्दों में इसका अर्थ है कि यदि सोल प्रोपराइटर शिप वाली फर्म कुछ नुकसान कर देती है तो, उसकी जिम्मेदारी प्रोपराइटर की मानी जाएगी|

यानी कि आपकी संपत्ति फर्म की संपत्ति मानी जाएगी तथा फर्म का दायित्व आपका दायित्व माना जाएगा|

साथ ही यह भी देखें:

दायित्व (Liability) के आधार पर कंपनियों के प्रकार

पब्लिक लिमिटेड कंपनी के फ़ायदे तथा नुकसान

रेडीमेड गारमेंट्स के व्यवसाय के खतरों को भी जानें

फायर इंश्योरेंस के बारे में जानकारी

एकाकी व्यापार के लाभ | Advantages of a Sole Proprietorship
त्वरित निर्णय लेने (quick decision making)

किसी भी व्यापार या निजी जीवन में भी, यदि निर्णय लेने के लिए किसी व्यक्ति को दूसरे से सलाह न देनी पड़े तो वह निर्णय बड़ी जल्दी ले सकता है|
इसका कारण यह है कि एक ही बिंदु पर दो व्यक्तियों की अलग-अलग राय हो सकती है|

जैसे: पार्टनरशिप फर्म में निर्णय लेने के लिए सभी पार्टनर्स की राय आवश्यक है|


 
जल्दी निर्णय लेने में समर्थ होना सोल प्रोपराइटरशिप का एक लाभ है|

सोल प्रोपराइटर को किसी भी तरह के निर्णय लेने की पूरी आजादी होती है|
गोपनीयता (secrecy)

एक बात तो आप अच्छी तरह जानते होगे कि, जब कोई गुप्त सूचना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को मालूम हो जाती है तो, वह गुप्त नहीं रह जाती|

पार्टनरशिप फर्म में सभी मेंबर्स को गुप्त बातें पता होना चाहिए|

जितने ज्यादा लोगों को बात पता होती है उतना ही उसकी गोपनीयता भंग होने के चांस रहते हैं|

एकल स्वामित्व वाले व्यापार में क्योंकि सभी गुप्त बातें एक ही व्यक्ति के पास होती हैं इसलिए उनके सार्वजनिक होने की संभावनाएं खत्म हो जाती है|

इसे भी एकाकी व्यापार के लाभ (Advantages of a Sole Proprietorship) में ही गिना जाएगा|

प्रत्यक्ष प्रोत्साहन (direct incentive)

यदि आप किसी कंपनी में एक कर्मचारी की तरह काम करते हैं तो, आप कितनी भी अधिक मेहनत कर लें, आपकी कंपनी की तरक्की होगी, आपकी नहीं|

जबकि,  एकल स्वामित्व वाले व्यापार में, आप जितनी अधिक मेहनत करेंगे, उतना ही ज्यादा मुनाफा आपको मिलेगा|

उपलब्धि की भावना (sense of accomplishment)

जब आपके द्वारा चलाया गया एकल स्वामित्व का व्यापार तरक्की करता है, तो निश्चित ही आपके मन में उपलब्धि की भावना आना है|

धीरे-धीरे लोग भी आपके एग्जांपल देने लगेंगे|  इस तरह की बातें आपका मनोबल  बढ़ाती हैं|

आपको  मन में एक शांति की भावना यह भी रहते हैं कि आप राष्ट्र के लिए भी कुछ कर रहे हैं|  अरे भाई! जब कुछ कमाओगे तो किसी को रोजगार भी दोगे और टैक्स भी दोगे!  यह भी तो राष्ट्र हित है|


 
गठन में आसानी और समापन (ease of formation, and closure)

इस बिंदु के बारे में आपने कंपनी की विशेषताओं वाले कॉलम में भी पढ़ा था|

किसी भी सोल प्रोपराइटर शिप को खोलना तथा बंद करना बहुत ही आसान है|

सोल प्रोपराइटर शिप के मुकाबले कंपनी को खोलना तथा बंद करना दोनों ही बहुत मुश्किल है|

व्यक्तिगत समबंध (Personal relationship)

अकेला व्यापारी का अपने ग्राहकों के निकट संपर्क रहता है। इसके द्वारा उसके अपने ग्राहकों से व्यक्तिगत संबंध बन जाते हैं|

सोल प्रोपराइटर अपने नम्रता, व्यक्तित्व, तथा व्यापारिक कुशलता से उन्हें संतुष्ट रख सकता है|

कर्मचारियों पर पूरा नियंत्रण ( Full control of employees)

एकल स्वामित्व वाले व्यापार में व्यक्ति का व्यापार पर पूरा कंट्रोल होता है|

अतः उसका अपने कर्मचारियों पर भी पूरा कंट्रोल रहता है|  वह सभी कर्मचारियों से उनकी काबिलियत के हिसाब से काम ले सकता है|

स्वयं के गुणों का विकास (Development of one’s own qualities)

जब भी कोई व्यक्ति किसी कार्य को स्वयं से करता है तो, निश्चित तौर पर ही उसके स्वयं के गुणों का विकास भी होना तय है| इसे ही हम सामान्य भाषा में पर्सनल एक्सपीरियंस कहते हैं|

पैतृक ख्याति का लाभ (Benefits of paternal fame)

जब भी कोई एकल व्यवसाय अगली पीढ़ी को समर्पित होता है तो निश्चित तौर पर ही उसे पैतृक ख्याति का लाभ मिलता है|

इसे भी एकाकी व्यापार के लाभ (Advantages of a Sole Proprietorship) में ही गिना जाएगा|

आज भी बहुत से एकल व्यापारी ऐसे हैं जिनके बाप दादाओं ने उन्हें जमा जमाया काम दे दिया|

एकाकी व्यापार के लाभ (Advantages of a Sole Proprietorship) के बाद अब! एकाकी व्यापार की हानियों के बारे में जानते हैं|

सोल प्रोपराइटरशिप की हानियां | Disadvantages of a Sole Proprietorship
आइए! अब सोल प्रोपराइटर शिप के क्या नुकसान होते हैं? इसके विषय में भी जान लेते हैं|

सीमित साधन (limited resources)

पब्लिक लिमिटेड कंपनी का मुख्य उद्देश्य आम जनता से धन इकट्ठा करना होता है|

इस कार्य को करने के लिए वह आईपीओ लाती है| जबकि एक व्यक्ति के पास सीमित साधन होते हैं|

कोई व्यक्ति जब अकेला ही धंधा शुरू करता है तो शुरुआत में उसके पास धन की बहुत कमी होती है| इसके लिए वह अपनी सारी जमा पूंजी तक भी लगा देता है|  

अब बिजनेस चलना है ना चलना तो भविष्य की बात है| चल जाएगा तो इसकी बल्ले-बल्ले हो जाएगी! और यदि नहीं चला तो यह इसका अकेले का नुकसान होगा|

यह व्यक्ति बैंक लोन लेने के लिए जाता है| बैंक भी बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे इसको लोन नहीं देगा|

एक व्यावसायिक का जीवन

मृत्यु: जब भी किसी एकल व्यवसाय के मालिक की मृत्यु हो जाती है तो उसका अस्तित्व खतरे में आ जाता है|

बीमारी: अकेले दुकान करने वाले व्यक्ति का यह सबसे बड़ा दुर्भाग्य है|

यदि वह बीमार हो गया तो इतने टाइम उसकी दुकान बंद ही रहती है|

आना-जाना:  एकल स्वामित्व वाले व्यवसाय में व्यक्ति व्यवसाय के समय के बीच कहीं आ जा नहीं सकता|

या तो उसे अपना व्यवसाय नौकरों के भरोसे छोड़ना पड़ेगा|  या फिर उसे उतने टाइम के लिए व्यवसाय को बंद करके जाना पड़ेगा|

वह व्यक्ति अपनी फैमिली को साल में कहीं पर छुट्टियों  पर भी ले जाने में 1000 बार सोचता है|  दुकान कौन देखेगा?  मेरे सारे ग्राहक टूट जाएंगे?  इतने का नुकसान हो जाएगा?  इस तरह के सवालों के चलते वह ठीक से अपने फैमिली को समय भी नहीं दे पाता|

जबकि उसे यह सोचना चाहिए कि “ यदि वह मर जाए तो उसकी दुकान को कौन देखेगा|”  कहने का मतलब यह है कि भैया! जिंदगी में दुकान ही सब चीज नहीं है| यह जिंदा इंसान के लिए तो चिंता का कारण हो सकती है परंतु मृत इंसान को इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता|

हालांकि, जैसे-जैसे डिजिटलाइजेशन बढ़ रहा है वैसे-वैसे एकल स्वामित्व वाले लोग भी डिजिटल होते जा रहे हैं|

वह कैमरे इत्यादि से अपने अनुष्ठानों पर पूरी नजर रखते हैं और साथ ही साथ  अपना मनोरंजन भी कर लेते हैं|

असीमित दायित्व (unlimited liability)

बैंक से कर्ज लिया है तो चुकाना ही पड़ेगा| इसके लिए चाहे घर मकान बेचने पड़ जाए| एक तो किसी का व्यापार खत्म हो जाए! ऊपर से कर्ज चुकाने के लिए उसकी पर्सनल संपत्ति भी बेचनी पड़ जाए|

यह तो बहुत ही बड़ा नुकसान है, मेरी नजर में|

सीमित प्रबंधकीय क्षमता (limited managerial ability)

एक ही व्यक्ति में सारे गुण नहीं हो सकते|  किसी को डिजिटल की अच्छी नॉलेज होती है|  किसी को फिजिकल की अच्छी नॉलेज होती है|

हर एक व्यक्ति सारे कामों में निपुण नहीं होता| जब सोल प्रोपराइटरशिप में एक ही व्यक्ति को काम चलाना है तो किसी काम में वह निपुण होगा तथा किसी कार्य में वह अनिपुण होगा|

अब चाहे यह किसी भी प्रबंधन की क्षमता में कैसा भी हो,  काम तो इसे खुद ही करने पड़ेंगे| जिस काम में यह ज्यादा शिक्षित नहीं है, उस काम में नुकसान लगने की संभावनाएं भी ज्यादा है|

ओ! कोई बात नहीं! नुकसान लगाकर ही व्यक्ति सीखता है| पर नुकसान इतनी सीमा का होना चाहिए कि कारोबार ही बंद ना हो जाए| हा-हा-हा-हा

आपने क्या सीखा?
इस पोस्ट के माध्यम से आपने जाना, सोल प्रोपराइटर शिप क्या होती है?, सोल प्रोपराइटरशिप के क्या नुकसान हैं (Disadvantages of a Sole Proprietorship), सोल प्रोपराइटरशिप के क्या  फायदे हैं? (Advantages of a Sole Proprietorship)

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